➤ जयराम ठाकुर का हमला, सरकार के पास गिनाने को ठोस उपलब्धियां नहीं
➤ कर्ज बढ़कर 1.10 लाख करोड़ पहुंचा, विकास कार्यों पर उठे सवाल
➤ ODI अधिकारियों, ड्रेस कोड और सेवा विस्तार पर सरकार को घेरा
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखा हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में सरकार की नीतियों, कार्यप्रणाली और तीन से चार साल के कार्यकाल पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने भाषणों में लगातार केंद्र सरकार को निशाना बना रही है, जबकि अपने कार्यकाल की ठोस उपलब्धियां बताने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि इस बार सरकार के पास जनता को बताने के लिए कोई बड़ा काम नहीं है और पूरा फोकस आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर रहा। विपक्ष के अनुसार बीते वर्षों में सरकार कोई बड़ी योजना शुरू नहीं कर पाई और कई संस्थानों को बंद कर दिया गया, जिससे विकास प्रभावित हुआ है।
आर्थिक मुद्दों पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य पर कर्ज बढ़कर करीब 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने ठेकेदारों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि पूर्व सरकार के दौरान बनाए गए भवन जनता की मांग और विधायकों की सिफारिश पर बने थे, लेकिन वर्तमान सरकार उन भवनों का उपयोग सुनिश्चित करने में विफल रही है।
ODI (Officials with Doubtful Integrity) अधिकारियों के मुद्दे पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को सेवा विस्तार देना उचित नहीं था और यह भी पूछा कि विस्तार के बाद उन्हें जो जिम्मेदारियां दी गईं, क्या उन्होंने उन्हें पारदर्शिता के साथ निभाया।
राजनीतिक माहौल पर टिप्पणी करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वह किसी तनाव में नहीं हैं, बल्कि मुख्यमंत्री स्वयं दबाव में नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर ही मतभेद हैं और मंत्री स्तर पर भी बयानबाजी हो रही है, जिससे सरकार की स्थिति स्पष्ट होती है।
ड्रेस कोड के मुद्दे पर भी सदन में चर्चा हुई। विपक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को सादगी और भारतीय संस्कृति के अनुरूप परिधान पहनने चाहिए, लेकिन इस पर अत्यधिक सख्ती की जरूरत नहीं है। उन्होंने ड्रेस कोड से जुड़े नियमों और संभावित कार्रवाई को लेकर सरकार से स्पष्टता की मांग की।
इसके अलावा विधायक निधि, विशेषाधिकार प्रस्ताव (Privilege Motion) और सेवा विस्तार (Extension) जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा। आरोप लगाया गया कि सदन में गलत जानकारी प्रस्तुत की गई है और कई अधिकारियों को अनावश्यक रूप से सेवा विस्तार दिया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुल मिलाकर विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की रणनीति अपनाई है और आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में और अधिक तीखे टकराव के संकेत मिल रहे हैं।



